
दुर्ग, 25 अगस्त 2026। दूसरे वाहन के पंजीयन क्रमांक का फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर अपनी कार चलाने के मामले में थाना मोहन नगर पुलिस ने आरोपी को टोयोटा यारिस कार सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 3 लाख रुपये कीमत की टोयोटा यारिस कार जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, मोनिश सोनी (26) निवासी साईं ड्रीम सिटी, रायपुर की टोयोटा यारिस कार क्रमांक CG 07 BZ 5226 आरटीओ कार्यालय दुर्ग में पंजीकृत है। वाहन स्वामी को उसके वाहन के संबंध में ट्रैफिक चालान और टोल राशि कटने के संदेश लगातार प्राप्त हो रहे थे। जबकि संबंधित समय में उनका वाहन उन स्थानों पर गया ही नहीं था।
जांच के दौरान सामने आया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मोनिश सोनी के वाहन का पंजीयन क्रमांक अपनी टोयोटा यारिस कार पर फर्जी तरीके से प्रदर्शित कर उपयोग किया जा रहा है। इसके चलते वाहन स्वामी के नाम पर करीब 2 हजार रुपये का ट्रैफिक चालान और लगभग 7 से 8 हजार रुपये की टोल राशि कट गई थी।
शिकायत मिलने के बाद मोहन नगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वाहन और उसके उपयोगकर्ता की पतासाजी शुरू की। पुलिस टीम ने रजत डोम, हरी नगर क्षेत्र के पास संदिग्ध वाहन की पहचान की और आरोपी विजय सेन (28), निवासी हरी नगर, दुर्ग को पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी द्वारा अपनी कार पर दूसरे वाहन का पंजीयन क्रमांक इस्तेमाल करना स्वीकार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से टोयोटा यारिस कार जब्त कर ली। आरोपी वाहन के संबंध में वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
इस तरह करता था नंबर का दुरुपयोग
पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी टोयोटा यारिस कार पर दूसरे वाहन का वास्तविक पंजीयन क्रमांक CG 07 BZ 5226 प्रदर्शित कर सड़क पर वाहन चला रहा था। इसी वजह से ट्रैफिक चालान और टोल से संबंधित संदेश वास्तविक वाहन मालिक को प्राप्त हो रहे थे।
पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 600/2026 दर्ज करते हुए धारा 336(3), 340(2), 345(3), 347(1) BNS के तहत कार्रवाई की है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अपने वाहन के पंजीयन क्रमांक, नंबर प्लेट या दस्तावेजों के दुरुपयोग की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस को सूचित करें। वाहन से संबंधित चालान, टोल या अन्य संदिग्ध संदेश प्राप्त होने पर उन्हें सुरक्षित रखें और पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।














